इनसेफलाइटिस से हुई मौतों से आक्रोशित हुए छात्र-युवा-आम जन, बिहार भवन पर किया विरोध प्रदर्शन!

नई दिल्ली, 19 जून 2019: क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्ताओं ने आज बिहार में इनसेफलाइटिस से 110 से भी ज्यादा बच्चों की मौत पर आक्रोश जताते हुए बिहार सरकार के खिलाफ बिहार भवन पर प्रदर्शन किया| 
बिहार में इनसेफलाइटिस से हुई मौतों से आक्रोशित हुए छात्र-युवा-आम जन!
फोटो: सर्वेश
प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं को पुलिस ने बर्बरतापूर्वक रोका और उन्हें हिरासत में लेकर मंदिर मार्ग पुलिस थाने ले गयी| 
बिहार स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे और लापरवाही के लिए सभी जिम्मेदार
स्वास्थ्य अधिकारियों को बर्खास्त करने की भी मांग उठाई!
फोटो: सर्वेश
ज्ञात हो कि इनसेफलाइटिस से अब तक मिले सरकारी आंकड़ों के अनुसार 110 से ज्यादा बच्चों की मौतें हो चुकी है| जबकि अकेले मुजफ्फरपुर जिले में ही पिछले दो हफ्तों में 100 से अधिक मौते हो चुकी हैं| बच्चों की मौतों का कारण बिहार सरकार का घटिया स्वास्थ्य प्रबंधन रहा है| देखा जाए तो पिछले कुछ वर्षों से बिहार में लगातार इनसेफलाइटिस के कारण बच्चों की मौतें बढ़ रही थी लेकिन बीमारी की रोकथाम और इससे होने वाली मौतों को रोकने के लिए बिहार सरकार व उसका स्वास्थ्य विभाग लापरवाह बना रहा| प्रत्येक वर्ष की तरह बीमारी से निपटने के लिए इस वर्ष भी बिहार सरकार व उसके स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले से कोई एहतियातन कदम नहीं उठाए गए| इसी कारण है कि अस्पतालों में बीमार मरीजों के इलाज के लिए न तो पूरे डॉक्टर हैं, न ही पूरा नर्सिंग स्टाफ और न ही जरूरी दवाइयाँ| यहाँ तक कि बच्चों को भर्ती करने के लिए अस्पताल में बैड भी पर्याप्त नहीं हैं, एक बैड पर तीन तीन बच्चों का इलाज चल रहा है|
तुरंत इनसेफलाइटिस से निपटने के लिए सभी प्राथमिक
स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अस्पतालों पर प्रबंध करने की उठाई मांग!
फोटो: सर्वेश
यह भी ज्ञात हो कि जिन बच्चों की मौतें हुई है, उनमें लगभग सभी 10 वर्ष से कम के हैं और ज्यादातर महादलित समुदाय से आते हैं। इसमें मुसहर एवं अन्य दलित जातियां शामिल है। इस बीमारी से 2000 से 2014 के बीच 1000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं| इनसेफलाइटिस या चमकी बुखार से होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण जहाँ सरकारी अस्पतालों की लचर व्यवस्था रही है वहीं इसका एक बड़ा कारण बच्चों में कुपोषण का होना भी रहा है| यह राज्य सरकार की घटिया सार्वजनिक वितरण प्रणाली की ओर संकेत करता है| यही नहीं इस पूरे प्रकरण को लेकर बिहार सरकार, उसके मंत्रियों व अधिकारियों का रवैया बड़ा ही असंवेदनशील रहा है| बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडे को बच्चों से बढ़कर क्रिकेट स्कोर की चिंता होती है|
बिहार सरकार के खिलाफ किया बिहार भवन पर विरोध प्रदर्शन!
दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे छात्र-युवाओं को हिरासत में लिया गया!
फोटो: TheQuint.com
कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में बिहार मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें मांग की गयी कि इनसेफलाइटिस से निपटने के लिए विशेष प्रबंध किया जाये और सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को दुरुस्त किया जाए तथा वहाँ तत्काल प्रभाव से डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, जरूरी दवाइयों व ज्यादा बिस्तरों का प्रबंधन किया जाए| भविष्य में इस बीमारी के न होने के सभी कदम भी उठाए जाएँ| साथ ही, उन्होने मांग की कि इनसेफलाइटिस से हुई बच्चों की मौतों की जाँच के लिए न्यायिक जाँच कमेटी बैठायी जाये और बच्चों की मौतों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को सजा सुनिश्चित की जाये| इसके अतिरिक्त, बिहार के स्वस्थ्य मंत्री के असंवेदनशील रवैये के लिए उन्हे इस पद से जल्द से जल्द बर्खास्त किया जाए| केवाईएस ने संकल्प लिया है कि जन-स्वास्थ्य के विरुद्ध बनाई जा रही सरकारी नीतियों के खिलाफ अपना आंदोलन तेज़ करेगा|
फोटो: TheQuint.com
Share on Google Plus

0 Comments:

टिप्पणी पोस्ट करें